सैलाना। कई बार ऐसे गलत काम होते हैं जिनका हम अनजाने में ही उल्लंघन कर देते हैं या स्वयं शिकार हो जाते हैं क्योंकि हमें कानून की जानकारी नहीं होती है, जैसे यातायात नियमों का उल्लंघन करना, बाल विवाह करना, लैंगिक अपराध या अन्य किसी प्रकार के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शोषण का शिकार हो जाना । इसलिए हमें विधिक तौर पर जागरूक होना आवश्यक है ।
यह विचार सांदीपनि शासकीय मॉडल स्कूल , सैलाना में विधिक सेवा सप्ताह कार्यक्रम के अंतर्गत तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण , सैलाना की वरिष्ठ न्यायाधीश गार्गी शर्मा ने कही ।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कई बार सतर्कता भी हमें अपराधों से बचा लेती है । किसी भी प्रकार के अपराध की जानकारी के लिए सरकार द्वारा बनाए गए वन स्टॉप सेंटर भी सूचना दी जा सकती हैं जहां से किसी भी प्रकार की विधिक सहायता ली जा सकती है ।

कार्यक्रम में न्यायाधीश मोहित परसाई द्वारा भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आप किसी जरूरत मंद की सहायता करते हैं तो यह भी न्याय करना ही होता है और जब सहायता विधिक तौर पर की जा रही हो तो यह विधिक सहायता होती है। इसके साथ ही न्यायाधीश श्रीमती नेहा सावनेर द्वारा भी विद्यार्थियों को विधिक प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कई बार हम अपने आस पास अपराध होते हुए देखते हैं लेकिन चुप हो जाते हैं । क्योंकि हमें नहीं पता होता हमें करना क्या चाहिए । इसलिए हमें कानून की मूलभूत जानकारी होना जरूरी है ।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्था प्राचार्य गिरीश सारस्वत द्वारा दिया गया। उन्होंने विधिक साक्षरता कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की विधिक साक्षरता क्लब प्रभारी श्वेता नागर ने किया। उन्होंने विद्यालय में संचालित विधिक जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी।
आभार प्रदर्शन शिक्षक ऋषिकांत देवड़ा ने किया।
इस अवसर पर शिक्षा के अधिकार विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों के द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स की अतिथियों ने सराहना की। अतिथियों का स्वागत विद्यालय के शिक्षक योगेश परमार, इमरोज खान, सुरेश बानिया और विद्यार्थी अव्यांश द्वारा किया गया।
Author: MP Headlines

















