मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद भोपाल की ओर निकली पदयात्रा स्थगित; तोड़े गए मकानों के पुनर्निर्माण और खेती जारी रखने को लेकर विधायक रमाकांत भार्गव ने दी जानकारी
सीहोर, 18 अक्टूबर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले में सरकार की ओर से राहत का आश्वासन मिलने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद प्रभावित परिवारों ने भोपाल की ओर निकाली जा रही पदयात्रा स्थगित कर दी और अपने गांव लौट गए।
बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों की मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इसमें जमीन के पट्टे उपलब्ध कराने, वन विकास निगम की कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
11 अक्टूबर को हुई थी कार्रवाई
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को कोसमी गांव में वन विकास निगम की कार्रवाई के दौरान 12 आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े गए थे। प्रभावित परिवारों ने मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायत करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।
मामले की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर कार्रवाई पर नाराजगी जताई थी और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई थी।
मुख्यमंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल
जानकारी के अनुसार, प्रभावित आदिवासी परिवारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री की ओर से प्रभावित परिवारों को जमीन के पट्टे देने और वन विकास निगम की कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिए जाने की जानकारी सामने आई।
मकानों के पुनर्निर्माण और खेती को लेकर भी राहत की बात
बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव के बयान के अनुसार, प्रभावित परिवारों को उनकी पुरानी जमीन पर खेती जारी रखने देने तथा कार्रवाई में तोड़े गए मकानों के पुनर्निर्माण की व्यवस्था करने की बात कही गई है। कुछ रिपोर्टों में सिंहपुर गांव में जमीन के पट्टे उपलब्ध कराने का भी उल्लेख है।
हालांकि, इन आश्वासनों के क्रियान्वयन, पट्टे जारी होने और पुनर्निर्माण की समयसीमा की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेशों से होना बाकी है।
पदयात्रा स्थगित, अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर
मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद भोपाल की ओर बढ़ रहे आदिवासी प्रदर्शनकारियों ने पदयात्रा स्थगित कर दी। उनकी सुरक्षित वापसी के लिए बसों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

अब प्रभावित परिवारों को वास्तविक राहत कब मिलती है, जमीन के पट्टे कब जारी होते हैं और कार्रवाई की जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं, इस पर नजर रहेगी।
MP HEADLINES | मध्यप्रदेश समाचार






