नवरात्रि में उमड़ती है श्रद्धालुओं की आस्था, गर्भगृह में विराजित हैं मां के नौ स्वरूप
आंबा। पुण्याखेड़ी नवाबगंज स्थित मां नवदुर्गा मंदिर क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक आस्थाओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। नवरात्रि के अवसर पर यहां मां दुर्गा के दर्शन, आरती, भजन और गरबा सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन होते हैं। मंदिर को लेकर स्थानीय स्तर पर 600 वर्षों से अधिक पुरानी मान्यता प्रचलित है।
मंदिर के गर्भगृह में मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की प्रतिमाएं विराजित हैं। प्रकाशित समाचार के अनुसार, इन प्रतिमाओं को लेकर मान्यता है कि रामलाल नामक किसान को स्वप्न में संकेत मिलने के बाद जमीन में लगभग 50 फीट नीचे से प्रतिमाएं प्राप्त हुई थीं। मंदिर परिसर में प्राचीन कुएं और कल्पवृक्ष भी श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बताए जाते हैं।
सुबह से रात तक होते हैं दर्शन

मंदिर के पुजारी राजेंद्र शर्मा के अनुसार, श्रद्धालु सुबह चार बजे से रात दस बजे तक मां के दर्शन कर सकते हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों में भी सुबह से देर रात तक श्रद्धालु पहुंचते हैं और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।
मां नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। नवरात्रि के दौरान क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहता है।






