गिर, साहीवाल और थारपारकर नस्ल की गायों के दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा पुरस्कार, चार वृंदावन ग्रामों में लागू होगी योजना
रतलाम, 25 अक्टूबर 2026। जिले में देशी गौवंश के पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना लागू की जा रही है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार, जिले के चार वृंदावन ग्रामों बिरमावल, सुखेड़ा, खामरिया और करिया में योजना के तहत 27 से 31 अक्टूबर 2026 तक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य उन्नत भारतीय नस्लों की गायों के पालन को प्रोत्साहित करना, पशुपालकों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार, सभी वर्गों के पशुपालक प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। इसके लिए निम्न पात्रताएं निर्धारित की गई हैं:
– पशुपालक बिरमावल, सुखेड़ा, खामरिया या करिया वृंदावन ग्राम का निवासी हो।
– उसके पास गिर, साहीवाल, थारपारकर या अन्य उन्नत अधिसूचित भारतीय नस्ल की गाय हो।
– गाय का प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन 6 लीटर या उससे अधिक हो।
– प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय में पंजीयन कराना होगा।
विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
योजना के तहत उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को गोवर्धन पूजा के अवसर पर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
– प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000
– द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000
– तृतीय पुरस्कार: ₹25,000
31 अक्टूबर अंतिम तिथि

इच्छुक एवं पात्र पशुपालक 31 अक्टूबर 2026 तक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में पंजीयन कराकर प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विभाग का मानना है कि इस योजना से देशी गौवंश की उन्नत नस्लों के संरक्षण, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी




