शिक्षा एक मात्र ऐसा हथियार है जिससे जो चाहो वो पा सकते हो : एस.डी.ओ.पी. नीलम बघेल

सैलाना। आदिवासी अंचल में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है। क्योंकि शिक्षा एक मात्र ऐसा हथियार है जिससे जो चाहो वो पा सकते हो। क्षेत्र के लोगों में यह डर देखा है कि लड़की पढ़ने जावेगी तो भाग जावेगी। इस डर के कारण से लड़कियों को स्कूल नहीं भेजते है। यह विचार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जनपद सभागृह में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए एस.डी.ओ.पी. नीलम बघेल ने व्यक्त किये।

आपने महिला दिवस के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अपराधों से बचने के सूत्र भी समझाये। वरिष्ठ अभिभाषक कान्तीलाल राठौड़ ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रकाश डालते हुए जागरूक एवं सजग रहने, अन्याय, अत्याचार के विरुद्ध मुखर होने के लिए प्रेरित किया। महिलाओं को जागरूक करने के लिए ‘‘बहुत सो चुकि अब तो जागो ओ नारी कल्याणी गीत भी प्रस्तुत किया। जनपद अध्यक्ष कैलाषीबाई चारेल ने सभी को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।महिला एवं बाल कल्याण विभाग स्वास्थ्य समिति के सुभाष भाभर ने भी संबोधीत किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशाकार्यकर्ता, सुपरवायजर सहित ग्रामीण समूह की महिलाएं उपस्थित थी। संचालन एवं आभार प्रदशन पर्यवेक्षक ज्योति गोस्वामी ने किया।

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Author: MP Headlines