सैलाना। प्रकृति की गोद में ही संस्कृति जन्म लेती है । यदि हम पर्यावरण की रक्षा करेंगे तो हम स्वयं को और हमारी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रख पाएंगे। इसके साथ ही जल के बिना हमारे जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए हमें जल का उपयोग सोच समझ कर करना चाहिए और इसे प्रदूषण से मुक्त रखना एक अच्छे नागरिक का कर्तव्य होता है।
यह विचार सीएम राइज शा मॉडल स्कूल सैलाना के प्राचार्य गिरीश सारस्वत द्वारा विश्व गौरैय्या दिवस ,विश्व वानिकी दिवस एवं जल दिवस पर आयोजित पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जीव विज्ञान की व्याख्याता किरण देदरा द्वारा भी पारिस्थिक संतुलन को बनाए रखने में मानव की सकारात्मक भूमिका क्या हो सकती है इस पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे ।कार्यक्रम का संचालन और संयोजन विद्यालय की इको क्लब सदस्य श्वेता नागर द्वारा किया गया । प्रकृति और जीव जगत के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती शॉर्ट फिल्म भी विद्यार्थियों को दिखाई गई ।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण जागरूकता पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में नेहा चौधरी प्रथम, अर्पिता चौहान एवं अंजली सोनी द्वितीय और छवि निनामा और भाग्यश्री ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। गौरैय्या की पीड़ा को व्यक्त करती कविता का पाठ छात्रा नेहा चौधरी द्वारा किया गया। विद्यार्थियों के द्वारा पक्षियों के लिए सकोरे भी रखे गए ।
विद्यालय के इको क्लब के इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक रवि जोनवेल, रेवसिंह वसुनिया, सुरेश बानिया, महेश वर्मा, अमित वर्मा कीर्ति बैरागी, भारती बैरागी, नेहा सिंह, सारिका मंडलोई, पूजा शर्मा सहित सभी की उपस्थिति रही।
Author: MP Headlines






