जज साहब की होलिका का दहन विगत 105 वर्षों से निरंतर जारी
सैलाना। रतलाम जिले सहित सैलाना क्षेत्र में सोमवार को रंगों का पावन पर्व होली हर्ष, उल्लास और भाईचारे के वातावरण में मनाया गया। नगर की प्रत्येक गली, मोहल्ले और बस्ती में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होलिका दहन सम्पन्न हुआ। शाम ढलते ही पूरा नगर श्रद्धा, उत्साह और उमंग के रंग में रंग गया। वही सैलाना नगर में जज साहब की होलिका का दहन विगत 105 वर्षों से निरंतर जारी है ।

आज सुबह से ही नागरिक होलिका दहन की तैयारियों में जुट गए थे। महिलाओं ने शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और नगर की खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात रात्रि लगभग 8 बजे से विभिन्न स्थानों पर होलिका दहन का क्रम प्रारंभ हुआ, जो देर रात तक जारी रहा।
नगर के जूनावास, दिलीप मार्ग, रंगवाड़ी देवरी चौक, जज साहब की गली, सर्राफा सदर बाजार, , त्रिवेदी गली स्थित शीतला माता मंदिर, कृष्ण कुंज कॉलोनी, विवेकानंद मार्ग, नेहरू मार्ग सहित अनेक क्षेत्रों में आकर्षक सजावट के बीच होलिका दहन किया गया। कई स्थानों पर पारंपरिक होलिका दहन इस बार नहीं हुआ।

आज बाजार क्षेत्र में ग्रामीण आदिवासी युवक-युवतियां अपने परिचितों को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते नजर आए। कहीं-कहीं उत्साह में रंग लगाने की हल्की-फुल्की शरारतें भी देखी गईं, जिससे वातावरण भगोरिया जैसा दिखाई दिया।
पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी
त्योहार को देखते हुए सैलाना पुलिस थाना प्रभारी पिंकी आकाश एवं पुलिस टीम दिनभर व देररात्री तक गश्त करती दिखी।
होलिका दहन का संक्षिप्त महत्व
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार भक्त प्रह्लाद की रक्षा हेतु भगवान विष्णु की कृपा से होलिका अग्नि में भस्म हो गई, जिससे यह संदेश मिलता है कि सत्य और भक्ति की हमेशा विजय होती है। इसी आस्था के साथ लोग अग्नि प्रज्ज्वलित कर नकारात्मकता का त्याग और सकारात्मकता का स्वागत करते हैं।
बुधवार को नगर में रंगारंग धुलेटी मनाई जाएगी, वहीं सैलाना में रंगपंचमी भी पारंपरिक उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाती रही है। होली के इस पावन अवसर पर सैलाना नगर एक बार फिर प्रेम, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
Author: MP Headlines












