सैलाना। सैलाना क्षेत्र के ग्राम बेडदा में उस समय हड़कंप मच गया, जब क्षेत्रीय विधायक कमलेश्वर डोडियार अचानक एक निजी क्लिनिक पर ब्लड प्रेशर जांच कराने पहुंचे। जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ—क्लिनिक में बीपी नापने की मशीन ही खराब पाई गई, जिससे वहां हो रहे इलाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
इसी दौरान एक महिला मरीज, जिसका उपचार कथित तौर पर “मेरीकॉम” नाम से चल रहा था, भी मौके पर मौजूद थी। स्थिति संदिग्ध लगने पर विधायक ने क्लिनिक संचालक से आवश्यक दस्तावेज—एनओसी और लाइसेंस—मांगे। जांच में सामने आया कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस किसी अन्य स्थान, अडवानिया गांव के नाम पर लिया गया था, जबकि संचालन बेडदा में किया जा रहा था।

मामला गंभीर प्रतीत होने पर विधायक ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी और झोलाछाप डॉक्टर होने की शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, बेडदा अस्पताल के डॉक्टर जोशी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। झोलाछाप डॉक्टर धन्नालाल डोडिया निवासी नामली पर संयुक्त कार्रवाई में क्लिनिक को फर्जी पाते हुए सील कर दिया गया, और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विधायक डोडियार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आदिवासी अंचल में अयोग्य चिकित्सकों द्वारा हाई डोज की दवाएं देकर लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त मुकदमा दर्ज कराने की बात कही।

कार्रवाई के दौरान कुछ ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टर के समर्थन में सामने आए, जिस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई और जागरूक होने की अपील की।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध क्लिनिक संचालकों में हड़कंप है, वहीं आम जनता में राहत की भावना देखी जा रही है।
Author: MP Headlines












