रतलाम / सैलाना। नगर की हृदयस्थली माने जाने वाला सदर बाजार इन दिनों लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का पर्याय बन चुका है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से लेकर पूरा मार्ग रोजाना घंटों जाम की गिरफ्त में रहता है, जहां सड़कें नहीं, बल्कि वाहनों का सैलाब नजर आता है।

वर्तमान समय में शादियों का सीजन चल रहा है वही आदिवासी क्षेत्रों में भी शादियों का एवं नोतरे के आयोजन का कार्यक्रम चल रहे हैं जहां सैलाना नगर में आदिवासी क्षेत्र से भाई बहन विशेष खरीददारी के लिए भी वर्तमान में आ रहे हैं उक्त जानकारी प्रशासन को भी भली भांति ज्ञात है
जाम में घुट रही जिंदगी
हर दिन यहां चारपहिया, दोपहिया, ऑटो और स्कूल बसों का ऐसा जमावड़ा लग जाता है कि आमजन का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है, जो भीषण गर्मी में घंटों जाम में फंसे रहते हैं। राहगीर, व्यापारी और बुजुर्ग भी इस अव्यवस्था से बेहाल हैं।
न ट्रैफिक पुलिस, न नगर परिषद की सक्रियता
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी गंभीर समस्या के बावजूद मौके पर न तो ट्रैफिक पुलिस की नियमित मौजूदगी दिखती है और न ही अव्यवस्थित पार्किंग पर कोई सख्त कार्रवाई। नगर परिषद सैलाना के जिम्मेदार अधिकारी भी इस समस्या को लेकर सुस्त रवैया अपनाए हुए नजर आ रहे हैं, जिससे आम लोगों में रोष और बढ़ता जा रहा है। शहर की सबसे व्यस्त सड़क पर फैलती इस अराजकता को लेकर परिषद की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है।

जनता में आक्रोश, प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है। लोग सवाल उठा रहे हैं— क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?स्कूल बसों और भारी वाहनों के लिए अलग समय या मार्ग क्यों तय नहीं किया जा रहा?
आखिर नगर परिषद और प्रशासन कब जागेगा?
अब नहीं चेता तो हो सकता है बड़ा हादसा यदि जल्द ही ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो सदर बाजार का यह जाम किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। शहर की सबसे व्यस्त सड़क पर फैली यह अराजकता अब चेतावनी बन चुकी है।जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
Author: MP Headlines












