सैलाना। रतलाम जिले के सैलाना पुलिस अनुविभाग ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। बीते अप्रैल माह में चलाए गए इस विशेष अभियान के अंतर्गत पुलिस ने न केवल गुमशुदा नाबालिगों को सुरक्षित खोज निकाला, बल्कि वयस्क गुमशुदा व्यक्तियों को भी उनके परिजनों से मिलाकर कई परिवारों के चेहरे पर पुनः मुस्कान लौटा दी।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मार्गदर्शन एवं सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल के नेतृत्व में संचालित इस अभियान में कुल 21 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया। साथ ही 56 गुमशुदा वयस्क व्यक्तियों को भी खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया, जो इस अभियान की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

थाना-वार उपलब्धियां
एसडीओपी नीलम बघेल के अनुसार बरामद की गई नाबालिग बालिकाओं में:
रावटी थाना क्षेत्र से 10
सरवन थाना क्षेत्र से 3
बाजना थाना क्षेत्र से 8
वहीं गुमशुदा वयस्कों में:
रावटी थाना क्षेत्र से 41
सरवन थाना क्षेत्र से 8
सैलाना थाना क्षेत्र से 3
बाजना थाना क्षेत्र से 4 व्यक्ति शामिल हैं।
मानवीय संवेदना का प्रतीक एसडीओपी नीलम बघेल ने कहा कि जब गुमशुदा व्यक्तियों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया जाता है, तब परिवारों के चेहरों पर लौटती खुशी पुलिसकर्मियों के लिए सबसे बड़ा संतोष होती है। यह अहसास कराता है कि उनकी सेवा वास्तव में समाज के लिए सार्थक है।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और संवेदनशीलता का वातावरण बनाना भी उसकी जिम्मेदारी है। “हमारा लक्ष्य केवल अपराधों पर अंकुश लगाना नहीं, बल्कि नागरिकों को भयमुक्त और सुरक्षित सामाजिक जीवन प्रदान करना है,” उन्होंने दृढ़ता से कहा।
*विश्वास और सुरक्षा का सशक्त संदेश*
सैलाना पुलिस की यह सफलता न केवल उनकी कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और संवेदनशील दृष्टिकोण का भी प्रमाण है। ऑपरेशन मुस्कान के माध्यम से पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Author: MP Headlines












