भोपाल/रतलाम। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सैलाना (रतलाम) विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को घेरते हुए क्षेत्र के वर्षों से अधूरे पड़े विकास कार्यों और स्वीकृत तालाबों के रद्द होने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। विधायक ने एक के बाद एक सवाल दागकर सरकार पर सवालिया निशान लगाया और सांसद अनीता नागरसिंह चौहान द्वारा किए गए कार्य स्थानांतरण को “क्षेत्र के साथ भेदभाव” करार दिया।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने प्रश्नकाल में सबसे पहले विकास कार्यों की धीमी गति पर सवाल किया। उन्होंने बताया कि बाजना जनपद के आंबापाड़ा कला में सीसी रोड का काम वित्तीय वर्ष 2023-24 से अधूरा पड़ा है। इमलीपाड़ा कला में ट्यूबवेल में मोटर लगाने और सीसी रोड का काम भी लंबे समय से रुका हुआ है। विधायक ने पूछा, “जब सारी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है, तो इन कार्यों को पूरा करने में इतना समय क्यों लग रहा है? क्या सरकार क्षेत्र की जनता को बुनियादी सुविधाएं देने में गंभीर नहीं है?”
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जवाब में कहा कि 15वें और 5वें वित्त आयोग के फंड सीधे सरपंच के खाते में जाते हैं और कार्य की एजेंसी ग्राम पंचायत ही होती है, न कि कोई बाहरी ठेकेदार। मंत्री ने सुझाव दिया कि विधायक संबंधित सरपंचों या जनपद सीईओ से संपर्क करें। साथ ही उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग की अंतिम किस्त अभी आना बाकी है, जिससे रुके काम पूरे हो सकेंगे।
विधायक डोडियार ने तब और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा, “कई वर्षों से निर्माणाधीन कार्य अधूरे क्यों हैं? इन्हें अन्य मद से पूरा क्यों नहीं किया जा रहा?” मंत्री ने जवाब दिया कि अन्य मद से पूरा किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव लाना होगा।
सबसे बड़ा आरोप – तीन तालाबों का रद्द होना और सांसद का हस्तक्षेप
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सांसद अनीता नागरसिंह चौहान पर सीधा आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में स्वीकृत तीन तालाबों – बोरदा, पटड़ी केलदा और बर्डिया आमलीपाड़ा – का भूमि पूजन हो चुका था, लेकिन सांसद के हस्तक्षेप के बाद इन्हें निरस्त कर रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया। विधायक ने कहा, “यह न केवल मेरे क्षेत्र की जनता के साथ, बल्कि बेजुबान जानवरों के साथ भी अन्याय है। पानी के लिए तरस रहे पशुओं का क्या होगा? यह साफ भेदभाव है।”
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि वे इस मामले की जांच करवाएंगे कि तालाब क्यों शिफ्ट किए गए। उन्होंने “जल गंगा अभियान” का जिक्र करते हुए आश्वासन दिया कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और सभी जरूरी जल संरचनाओं पर काम किया जाएगा।
सांसद अनीता नागरसिंह चौहान का 26 जून 2025 का पत्र – तथ्य सामने
विधानसभा में उठे मुद्दे के बाद सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, सांसद अनीता नागरसिंह चौहान ने 26 जून 2025 को जिला पंचायत रतलाम के सीईओ को पत्र (क्रमांक 533/2025) लिखकर वित्तीय वर्ष 2024-25 के 49 स्वीकृत कार्यों में से सैलाना और थांदला जनपद के तीन तालाब निर्माण कार्यों को भूमि विवाद/तकनीकी कारणों से रद्द कर उनके स्थान पर नए कार्य स्वीकृत करने के निर्देश दिए थे।
नए कार्य इस प्रकार हैं:
• ग्राम पाटोडी (सैलाना) के पुराने तालाब के स्थान पर कोंदरपाडा बैराज (65 लाख रुपये)
• ग्राम बोरदा (सैलाना) के स्थान पर पनखेड़ा बैराज, सरवड (रतलाम) में (40 लाख रुपये)
• ग्राम वर्डिया (थांदला) के स्थान पर कुंडल नदी पर चैकडैम, जडवासा (रतलाम) में (85 लाख रुपये)
विधायक का संकल्प – क्षेत्र की प्रगति में कोई समझौता नहीं
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने विधानसभा में कहा कि वे क्षेत्र की जनता के हित में हर मंच पर लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वीकृत कार्यों को रद्द कर अन्य जगह शिफ्ट करना क्षेत्र की जनता और पशुओं के साथ अन्याय है। विधायक ने मंत्री से मांग की कि रद्द हुए तालाबों को पुनः बहाल किया जाए या उनके स्थान पर सैलाना क्षेत्र में ही समकक्ष जल संरचनाएं बनाई जाएं।
विधायक डोडियार ने कहा, “मेरा क्षेत्र आदिवासी बहुल है। यहां सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाओं की कमी है। सरकार और सांसद दोनों को मिलकर क्षेत्र का विकास करना चाहिए, न कि एक-दूसरे पर आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करना चाहिए। मैं क्षेत्र की प्रगति के लिए हर कदम पर सतर्क रहूंगा और जनता के सवालों को सदन में उठाता रहूंगा।”
Author: MP Headlines


















