सैलाना। रतलाम जिले के सैलाना नगर मैं दशा माता पर्व पर महालक्ष्मी गली स्थित शीतला माता मंदिर के सामने शुक्रवार को बरसों से चली आ रही प्रथा को जीवित रखते हुए, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला।इस चुल के आयोजन में पहली बार यहां – पुरुष महिला बच्चे सहित करीब 350 से 400 भक्तजन धधकते अंगारों के बीच नंगे पांव चलकर अपनी अटूट श्रद्धा और विश्वास रखते हुऐ नजर आए। इस अग्नि चुल में हाथों में कलश श्रीफल के साथ सर्वप्रथम भूपेंद्र राका ने माता श्री शितला के जय कार के साथ धधकते अंगारों के बीच अपने कदमों से प्रवेश किया। तत्पश्चात सभी भक्तों ने आस्था प्रकट करते हुए अग्नि में अपने क़दमो को बढ़ाये रखा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता शीतला के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने वाले भक्त यदि पूरी आस्था और पवित्र मन से धधकते अंगारों पर चलते हैं तो उन्हें किसी प्रकार की पीड़ा नहीं होती। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसे माता के प्रति समर्पण, साहस और विश्वास की परीक्षा के रूप में देखा जाता है।

मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से माता से मन्नत मांगते हैं और उनकी मनोकामना पूर्ण होती है, वे आभार प्रकट करने के लिए अंगारों पर चलकर माता को धन्यवाद अर्पित करते हैं। यह आयोजन भक्तों के विश्वास, साहस और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भक्तजन माता के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट करते हुए इस कठिन धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते नजर आए।
आयोजक शीतला माता समिति द्वारा इस विशाल आयोजन में हजारों भक्त जनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर धर्म लाभ लेने पर आभार प्रकट किया। इस पूरे आयोजन में सैलाना पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे समय तत्परता से वाचिंग करते नज़र आये व अहम भूमिका निभाई।
Author: MP Headlines

















