सरवन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना ‘रेफर हॉस्पिटल, एक डॉक्टर के भरोसे 100 से ज्यादा गांव

सुधार नहीं होने पर शीघ्र ही आंदोलन शुरू करेंगे – विधायक डोडियार

सरवन। रतलाम जिले के सरवन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत लगातार चिंताजनक बनी हुई है। लगभग 100 से 150 गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं का भार इस एकमात्र अस्पताल पर है, लेकिन यहां सिर्फ एक ही डॉक्टर, डॉ. रविंद्र डामोर पदस्थ हैं। इतनी बड़ी आबादी के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त सुविधा और स्टाफ के अभाव में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद ही रतलाम रेफर कर दिया जाता है। खासकर इमरजेंसी के मामलों में समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाने से मरीजों की जान पर बन आती है और कई बार रास्ते में ही हालत गंभीर हो जाती है।

क्षेत्र के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने भी सरवन में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी को लेकर कई बार मांग उठाई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नतीजतन, क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल बनी हुई हैं। डोडियार ने कहा कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएँ नहीं सुधरी तो शीघ्र ही जन आंदोलन का रास्ता अपनाएँगे।

इस स्थिति का फायदा उठाकर झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हो गए हैं, जो बिना पर्याप्त योग्यता के ग्रामीणों का इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द अतिरिक्त डॉक्टरों की नियुक्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग की है, ताकि सरवन का यह अस्पताल ‘रेफर सेंटर’ बनने के बजाय वास्तविक उपचार केंद्र बन सके।

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Author: MP Headlines

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