“रात्रि चौपाल बनी जागरूकता का मंच — जल, जंगल, जमीन,पशु और शिक्षा संरक्षण हेतु ग्रामीणों ने लिया सामूहिक संकल्प”

“रात्रि चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को मिला जागरूकता और विकास का मंच”

सैलाना। सैलाना विकासखंड के ग्राम चावड़ाखेड़ी में वाग्धारा संस्था द्वारा रात्रि चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को जल,जंगल,बीज संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, पशुपालन, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूक करना था। चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को पारंपरिक सामूहिक श्रमदान एवं “हलमा” जैसी सामुदायिक परंपराओं से जोड़ते हुए गांव क विकास पर संवाद किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीणों की उपस्थिति एवं सामूहिक संवाद के साथ हुई। रात्रि चौपाल में वाग्धारा संस्था के टीम साथियों द्वारा जल संरक्षण, मिट्टी कटाव रोकने, जंगलों के संरक्षण, पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित प्रेरणादायक लघु फिल्में प्रदर्शित की गईं। फिल्मों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि गांव के तालाब, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों को सामूहिक प्रयासों से सुरक्षित रखा जाए तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। ग्रामीणों ने फिल्मों को रुचि के साथ देखा तथा विषयों पर खुलकर अपने अनुभव साझा किए ।

कार्यक्रम में सामूहिक हलमा एवं श्रमदान की परंपरा, शिक्षा, पशुपालन पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि पहले गांवों में लोग मिल-जुलकर तालाबों की पाल सुधारते थे, जल स्रोतों को बचाते थे तथा गांव के विकास कार्यों में सामूहिक भागीदारी निभाते थे। आज उसी परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है ताकि जल संकट, मिट्टी कटाव और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान सामुदायिक स्तर पर किया जा सके।

रात्रि चौपाल के दौरान पशुपालन विभाग से डॉक्टर बी. एल. पाटीदार द्वारा पशुपालन एवं दूध उत्पादन बढ़ाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। पशुओं के पोषण एवं डेयरी प्रबंधन से संबंधित फिल्म दिखाकर ग्रामीणों से संवाद किया। वहीं डॉ. लाल सिंह चारेल द्वारा पशु टीकाकरण, मौसमी बीमारियों से बचाव एवं पशुओं की नियमित देखभाल के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने ग्रामीणों को समय-समय पर पशुओं का टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित किया ताकि पशुधन सुरक्षित एवं स्वस्थ रह सके।

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष कैलाशी बाई चारेल ने ग्रामीणों से गांव के विकास, स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर संवाद किया । उन्होंने कहा कि गांव का विकास तभी संभव है जब ग्रामीण स्वयं आगे आकर गांव की समस्याओं के समाधान में भागीदारी निभाएं। उन्होंने ग्रामवासियों को ग्राम सभा में सक्रिय रूप से भाग लेने एवं गांव के विकास से जुड़े विषयों को ग्राम सभा में शामिल करवाने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा विभाग से नरेंद्र पारसी द्वारा बच्चों की शिक्षा, नामांकन एवं विद्यालय में ठहराव को लेकर प्रेरणादायक फिल्म दिखाई गई। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय जाए और शिक्षा से वंचित न रहे। जन शिक्षक प्रेम सिंह डंडोतिया द्वारा पलायन के कारण बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों पर संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि लगातार पलायन के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए शिक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के विकासखंड प्रबंधक योगेंद्र सिंह उमठ द्वारा विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल विकसित करने पर जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बच्चों का केवल पढ़ा-लिखा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, संवाद क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता एवं नेतृत्व गुणों का विकास होना भी जरूरी है ताकि वे भविष्य में अपने जीवन को बेहतर बना सकें।

रात्रि चौपाल कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने जल संरक्षण एवं गांव के विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं, बच्चों एवं ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। पूरी चौपाल संवाद, जागरूकता एवं सामुदायिक एकजुटता का सशक्त उदाहरण बनी।

कार्यक्रम के अंत में वाग्धारा संस्था की ओर से सभी विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया गया। ग्राम स्वराज  समूह व सक्षम समूह के सदस्य द्वारा बताया गया कि इस प्रकार की चौपालें ग्रामीण समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ समुदाय को एकजुट करने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।

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Author: MP Headlines

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