सावन में शिवमय हुआ सैलाना, नन्हे कांवड़ियों ने गूंजाया ‘हर-हर महादेव’

नीलकंठेश्वर समिति की भव्य बालवीर कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, नगर के प्रमुख मार्गों पर हुआ पुष्पवर्षा से स्वागत

सैलाना। सावन माह के पावन अवसर पर रविवार को सैलाना नगर की धार्मिक आस्था और सनातन संस्कारों का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नीलकंठेश्वर समिति के तत्वावधान में भव्य बालवीर कांवड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नन्हे कांवड़िए, उनके अभिभावक, शिवभक्त एवं नगरवासी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कांवड़ियों के गगनभेदी ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयघोष से पूरा नगर शिवमय हो उठा।

आनंद विहार कॉलोनी से प्रारंभ हुई यात्रा मोहलिया हनुमान मंदिर (गवली मोहला), लक्ष्मी मंदिर, खाकीबाबा हनुमान मंदिर (दिलीप मार्ग), पैलेस चौराहा (राजवाड़ा), घंटाघर हनुमान मंदिर, बस स्टैंड चौराहा, भोई मोहला स्थित बालाजी मंदिर, अंबेडकर मोहल्ला स्थित सनी मंदिर, रंगबाड़ी मोहल्ला स्थित हनुमान मंदिर, कुमावतपुरा स्थित चारभुजा मंदिर एवं जुनावास स्थित राम-जानकी मंदिर होते हुए बिछलावास स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पहुंची।

आकर्षक कांवड़ लेकर निकले नन्हे शिवभक्त
यात्रा में नन्हे कांवड़िए आकर्षक एवं सुसज्जित कांवड़ लेकर शामिल हुए। बच्चों ने गले में महाकाल के दुपट्टे धारण कर पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ यात्रा में सहभागिता की। डीजे पर गूंजती धार्मिक धुनों और शिवभक्ति के जयघोष के बीच कांवड़िए नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ते रहे।

यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर नन्हे शिवभक्तों का उत्साह बढ़ाया गया। बच्चों की श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह ने हर किसी का मन मोह लिया। यात्रा के दौरान पूरा नगर लगातार हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान रहा।

नीलकंठेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक
बिछलावास स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने पर सभी कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात कांवड़ में लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव के शिवलिंग का श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव से सैलाना नगर सहित समस्त नगरवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं मंगल की कामना की।

बच्चों में संस्कार और सनातन परंपराओं का संदेश
बालवीर कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्था और संस्कारों से जोड़ने का प्रेरणादायी प्रयास भी रही। आयोजन के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं में सामाजिक एकता, अनुशासन और धार्मिक भावनाओं को मजबूत करने का संदेश दिया गया। सावन के इस पावन अवसर पर नन्हे कांवड़ियों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
यात्रा के समापन अवसर पर नीलकंठेश्वर समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य, कांवड़ियों के अभिभावक, शिवभक्त तथा बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। भगवान भोलेनाथ के जयघोष और आशीर्वाद के साथ भव्य बालवीर कांवड़ यात्रा का श्रद्धापूर्वक समापन हुआ।

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Author: MP Headlines