होरी हनुमानजी तक निकली चतुर्थ वर्ष की पदयात्रा, विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
सैलाना। रतलाम जिले के सैलाना नगर में आस्था, अनुशासन और सामाजिक सरोकारों का अनूठा संगम रविवार को सैलाना में देखने को मिला। प्रति वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जय बजरंग व्यायामशाला के तत्वावधान में चतुर्थ वर्ष सैलाना से होरी हनुमानजी तक आयोजित पदयात्रा धार्मिक उत्साह और भक्तिमय वातावरण के बीच निकाली गई। भगवान हनुमान के प्रति अटूट श्रद्धा के साथ निकली इस पदयात्रा में विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं पर्यावरण संरक्षण की मंगलकामना प्रमुख रही।

सुबह से ही खाकी बाबा हनुमान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरने लगा था। प्रातः 5 बजे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर आनंद गिरि जी महाराज एवं पंडित कुलदीप गुरु भट्ट द्वारा आरती की गई। आरती के पश्चात भगवान हनुमान के जयकारों के बीच पदयात्रा का शुभारंभ हुआ।
भक्ति के साथ सामाजिक संदेश भी
खाकी बाबा हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुई पदयात्रा साईं पेट्रोल पंप, करिया, आम्बा, शेरपुर, पिपलोदा, सुखेड़ा, धतुरिया एवं बछोड़िया होते हुए होरी हनुमानजी मंदिर की ओर बढ़ी। लगभग पूरे दिन श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ पैदल चलते रहे। मार्ग में लगातार धार्मिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
पदयात्रा की खास पहचान यह रही कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और विश्व कल्याण का संदेश भी श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया। बड़ी संख्या में-पुरुष श्रद्धालु, जय बजरंग व्यायामशाला के सदस्य एवं नगरवासी इसमें शामिल हुए।

गांव-गांव मिला श्रद्धालुओं को आत्मीय स्वागत
यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों एवं नगरवासियों ने श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया। कहीं पुष्पवर्षा तो कहीं जलपान एवं सेवा के माध्यम से लोगों ने पदयात्रियों का उत्साह बढ़ाया। यात्रा आगे बढ़ती गई और श्रद्धालुओं की आस्था भी उसी ऊर्जा के साथ प्रबल होती गई।
रात्रि 8 बजे होरी हनुमानजी पहुंची पदयात्रा
लगातार कई घंटों तक आस्था के पथ पर चलने के बाद पदयात्रा रात्रि करीब 8 बजे होरी हनुमानजी मंदिर पहुंची। मंदिर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमानजी के दर्शन किए तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर विश्व कल्याण, सुख-शांति और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह 5 बजे खाकी बाबा हनुमान मंदिर से शुरू हुई यात्रा का रात 8 बजे होरी हनुमानजी पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संकल्प और समर्पण की साधना बन गया। चतुर्थ वर्ष में पहुंची यह पदयात्रा अब सैलाना की धार्मिक परंपरा और सामूहिक आस्था की एक विशिष्ट पहचान बनती जा रही है।
Author: MP Headlines






