नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026। कैंसर मरीजों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च में राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने 137 चिन्हित कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन सीमित करने का फैसला किया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) की 17 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार, संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से प्रभावी होंगी। <u>सरकार के अनुसार, संबंधित दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर 70 प्रतिशत तक कमी संभव है।</u>
किन दवाओं पर पड़ेगा असर?
इस निर्णय में कुछ इम्यूनोथेरेपी और अन्य कैंसर उपचार की दवाएं शामिल हैं। इनमें पेम्ब्रोलिजुमैब, डुरवालुमैब, ओसिमर्टिनिब, बेवसिजुमैब और कुछ अन्य दवाएं शामिल बताई गई हैं। इनका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के कैंसर के उपचार में किया जाता है।
क्या है सरकार का फैसला?
सरकार ने चिन्हित गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन 30 प्रतिशत तक सीमित किया है। इसका उद्देश्य दवा वितरण और खुदरा बिक्री में अत्यधिक मार्जिन को नियंत्रित करना और मरीजों को दवाएं अधिक किफायती दर पर उपलब्ध कराना है।
दवा कंपनियों को संशोधित कीमतों की जानकारी NPPA को देने और नई मूल्य सूची वितरकों, अस्पतालों तथा खुदरा विक्रेताओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। 9 नवंबर से संबंधित दवाओं की संशोधित कीमतें लागू होंगी।

मरीज नई कीमतें कैसे जांचें?
मरीज और उनके परिजन NPPA की आधिकारिक वेबसाइट https://nppa.gov.in/en और Pharma Sahi Daam ऐप पर दवाओं की कीमतों की जानकारी जांच सकते हैं। कीमतों में वास्तविक कमी दवा और उसके मौजूदा मूल्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है







