रतलाम जिले में आवारा कुत्तों के हमलों से बढ़ी चिंता, पलसोड़ी में घर के आंगन में खेल रही बच्ची पर हमला
रतलाम। जिले में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक कुत्तों के झुंड दिखाई देने और उनके पीछे दौड़ने से दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की शिकायतों के बीच समीपस्थ ग्राम पलसोड़ी में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गुरुवार शाम घर के आंगन में खेल रही तीन वर्षीय बालिका मनीषा पर कुत्ते ने हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घर के आंगन में खेल रही थी मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीषा पिता राजू भाभर निवासी ग्राम पलसोड़ी अपने दादा शंभू भाभर और दादी सागूबाई के साथ रह रही थी। उसके माता-पिता करीब एक माह से मजदूरी के सिलसिले में अजमेर गए हुए हैं।
गुरुवार को मनीषा के दादा-दादी खेत पर गए थे। शाम करीब पांच बजे बच्ची घर के सामने आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान एक कुत्ता आंगन में पहुंचा और उस पर हमला कर दिया। हमले में बच्ची की पीठ, पसलियों सहित शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आईं। बताया गया कि आंगन में बंधी गाय पर भी कुत्ते ने हमला किया।
बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कुत्ते को भगाया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल मनीषा को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजने की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना बच्ची के माता-पिता को दे दी गई।
पहले भी सामने आ चुकी हैं कुत्तों के हमले से जुड़ी गंभीर घटनाएं
आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर जिले में पहले भी चिंता सामने आती रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अशोक नगर निवासी 30 वर्षीय शाहरुख हुसैन पिता नासिर हुसैन को 31 जुलाई 2025 को सब्जी नीलामी मंडी में हम्माली के काम पर जाते समय शायर चबूतरा क्षेत्र में एक कुत्ते ने दाहिने पैर में काट लिया था। इसके बाद उनके पैर में घुटने के नीचे गंभीर घाव हुआ और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के मुताबिक, अगस्त 2026 में शाहरुख की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में परिजन उन्हें उपचार के लिए अहमदाबाद ले गए। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रतलाम ले जाने की सलाह दी। वापस लौटते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत
पलसोड़ी की घटना ने बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शहर की सड़कों, कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमने वाले आवारा कुत्तों की समस्या पर स्थानीय निकायों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान जाना जरूरी है।

नागरिकों की मांग है कि कुत्तों के हमलों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान हो, काटने की घटनाओं की निगरानी की जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही, पशु कल्याण नियमों के अनुरूप आवारा कुत्तों के प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मासूम मनीषा की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों और रिहायशी इलाकों में बच्चों तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार एजेंसियां क्या ठोस कदम उठा रही हैं




