सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष शुक्ला के वित्तीय अधिकार छीने जाने की मांग वाली याचिका खारिज, कांग्रेस के ही दो नेताओं ने दायर की थी याचिका

सैलाना। सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष चेतन्य शुक्ला के वित्तीय अधिकार उनके बचे हुए पूरे कार्यकाल तक बरकरार रहेंगे। उनका कार्यकाल अगला वर्ष यानि 2027 में आधे साल से कुछ अधिक रहेगा। इन्दौर हाई कोर्ट ने दो याचिकाकर्ताओं की उस याचिका को अब स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया हैं, जिसमें राज्य शासन के गजट में नोटिफिकेशन नहीं होने का हवाला देकर एक पूर्व पार्षद और एक वर्तमान पार्षद के पति ने अध्यक्ष शुक्ला के वित्तीय अधिकार छीने जाने की मांग की थी।

ये हैं पूरा मामला
दरअसल दो माह पूर्व सैलाना नगर परिषद की कांग्रेस पार्षद सलोनी मांडोत के पति प्रशांत मांडोत एवं पूर्व कांग्रेस पार्षद जीतेंद्र सिंह राठौड़ ने इंदौर हाई कोर्ट में अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार छीने जाने के लिए उक्त याचिका दायर की थी। तब राजनैतिक क्षेत्र में खासी खलबली मची थी कि कांग्रेस के नेताओं को कांग्रेस के ही अध्यक्ष के खिलाफ ये याचिका दायर करने की क्या जरूरत थी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने तब दोनों नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर बाद में नोटिस के जवाब से असंतुष्ट हो कर छह साल के लिए कांग्रेस ने निष्कासित भी कर दिया था।

10 अप्रैल को हुई थी सुनवाई
10 अप्रैल को इन्दौर हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस मामले में तुरन्त अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार रोकने से इन्कार कर दिया था और फैसला सुरक्षित रखा था।13 मई को इन्दौर हाई कोर्ट ने अब इस याचिका को स्पष्ट रूप से खारिज कर अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार बहाल रखे हैं।जानकार मानते हैं कि सैलाना में निर्माण और विकास कार्य अबाधित रूप से जारी रहेंगे।

अगले वर्ष चुनाव होना संभावित
सैलाना नगर परिषद के चुनाव सितम्बर 2022 में हुए थे।अब अगले वर्ष लगभग उन्हीं दिनों में चुनाव होना संभावित हैं।दो माह पूर्व आचार संहिता लगती हैं। इस मान से अध्यक्ष शुक्ला के वित्तीय अधिकार जून 27 तक जारी रहेंगे। अध्यक्ष शुक्ला की तरफ से पूरे मामले की सफल पैरवी हाई कोर्ट एडवोकेट पीयूष माथुर और ऋषि तिवारी ने की।

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Author: MP Headlines

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