धामनोद। नगर परिषद धामनोद के पूर्व उपाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह सिसोदिया से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर मामला चर्चा में है। शिकायतकर्ता रवि वैष्णव ने सर्वे क्रमांक 1420, रकबा 0.2400 हेक्टेयर नगर परिषद धामनोद के राजस्व भूमि के रिकॉर्ड में कथित रूप से नाम दर्ज किए जाने को लेकर जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता रवि वैष्णव ने कलेक्टर रतलाम के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उक्त भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने तथा वहां संचालित गतिविधियों को लेकर अनियमितता हुई है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कर रिकॉर्ड की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
शिकायत में बताया गया है कि उक्त भूमि पर राधाकृष्ण मंदिर से संबंधित गतिविधियां संचालित होती रही हैं। आवेदन के अनुसार, भूमि पर कृष्णा मैरिज गार्डन, टेंट हाउस और गोदाम आदि का संचालन किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूर्व पार्षद लोकेंद्र सिंह सिसोदिया ने उपाध्यक्ष/पार्षद पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर सर्वे क्रमांक 1420 की राजस्व भूमि को नगर परिषद के राजस्व रिकॉर्ड में अपने नाम से दर्ज करवाया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिकायतकर्ता के दादाजी चतुरदास बैरागी मंदिर में पूजा करते थे और बाद में भूमि के रिकॉर्ड में नाम को लेकर भी अनियमितता की गई।
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की नियमानुसार जांच कर संबंधित रिकॉर्ड की जांच तथा दोष पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग कलेक्टर से की है।
15 दिनों में सामने आए प्रमुख मामले
1. उपाध्यक्ष पद से पृथक किए जाने का मामला
हाल ही में लोकेंद्र सिंह सिसोदिया को लेकर नगर परिषद से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया था। कलेक्टर द्वारा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 41(1) के तहत कार्रवाई किए जाने और उन्हें पार्षद पद से पृथक किए जाने की जानकारी सामने आई थी। यह मामला न्यायालयीन आदेश से भी जुड़ा बताया गया है।
2. टेंट हाउस एवं शासकीय कार्यों से संबंधित शिकायत
पूर्व में सामने आए दस्तावेजों में सिसोदिया से संबंधित टेंट हाउस/लाइट डेकोरेशन के बिल, निविदा और नगर परिषद के कार्यों को लेकर शिकायतों का उल्लेख हुआ था। इस मामले में भी दस्तावेजों और प्रक्रिया की जांच को लेकर सवाल उठाए गए थे।

3. अब राजस्व भूमि का मामला
अब सामने आए नए आवेदन में सर्वे नंबर 1420 की 0.2400 हेक्टेयर भूमि के रिकॉर्ड और उपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से पूरे राजस्व रिकॉर्ड की जांच तथा दोष पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
लगातार सामने आ रहे मामलों से बढ़ी प्रशासनिक जांच की मांग
लगातार अलग-अलग शिकायतों और दस्तावेजों के सामने आने के बाद अब इन मामलों में राजस्व रिकॉर्ड, नगर परिषद के दस्तावेज और संबंधित निर्णयों की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।







