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सोयाबीन की नरवाई जलाने पर लगेगा जुर्माना, किसानों को कृषि विभाग की सलाह

🌾 MP HEADLINES | रतलाम न्यूज़ 

खेतों में फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण को नुकसान, उल्लंघन पर ₹2,500 से ₹15,000 तक अर्थदंड का प्रावधान

रतलाम | 13 अक्टूबर 2026। सोयाबीन की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाएं। यह सलाह किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने जिले के किसानों को दी है। विभाग के अनुसार, फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने पर किसानों को ₹2,500 से ₹15,000 तक पर्यावरण क्षतिपूर्ति अर्थदंड भरना पड़ सकता है।

 

🔴 फसल अवशेष जलाने से मिट्टी को नुकसान

कृषि विभाग के अनुसार, सोयाबीन की कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को आग लगाने से मिट्टी में मौजूद लाभदायक सूक्ष्मजीवों और केंचुओं को नुकसान पहुंचता है। इससे मिट्टी की जैविक गुणवत्ता एवं उर्वरता प्रभावित होती है।

इसके अलावा, फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। आग आसपास के खेतों, खड़ी फसलों, पेड़-पौधों और अन्य संपत्तियों तक फैलने का खतरा भी पैदा करती है।

 

⚠️ कितनी जमीन पर कितना जुर्माना?

फसल अवशेष जलाने पर भूमि के रकबे के अनुसार अर्थदंड का प्रावधान बताया गया है।

  • 2 एकड़ से कम भूमि: ₹2,500 प्रति घटना।
  • 2 से 5 एकड़ तक भूमि: ₹5,000 प्रति घटना।
  • 5 एकड़ से अधिक भूमि: ₹15,000 प्रति घटना।

 

 

🌱 अवशेषों को मिट्टी में मिलाने की सलाह

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे सोयाबीन के फसल अवशेषों को जलाने के बजाय स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम तथा रोटावेटर की सहायता से मिट्टी में मिलाएं। इससे खेत में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने में मदद मिल सकती है और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।

 

📢 किसानों से अपील

किसान फसल अवशेषों को आग लगाकर नष्ट न करें। पर्यावरण संरक्षण के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन अपनाएं।

 

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Author: MP Headlines