Skip to main content

MP Headlines

रतलाम में शासकीय मंदिरों की जमीनों पर कब्जे के आरोप, पुजारियों ने खोला मोर्चा, धामनोद के उपाध्यक्ष का मामला भी उठा

 

राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ ने प्रेस वार्ता कर उठाया मुद्दा, अतिक्रमण नहीं हटने पर स्वयं कार्रवाई करने की चेतावनी

रतलाम। जिले में शासकीय मंदिरों की जमीनों पर कथित अतिक्रमण को लेकर पुजारियों में नाराजगी बढ़ रही है। राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ ने प्रेस वार्ता आयोजित कर मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग उठाई। संघ ने आरोप लगाया कि मंदिरों की जमीनों पर कब्जे के कारण कई मंदिरों में नियमित पूजा-पाठ, धूप-दीप और आरती की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं

रतलाम प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान संघ के अध्यक्ष रघु बैरागी ने जिला प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि शासकीय मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराया गया, तो उग्र धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि जिम्मेदार अधिकारी नहीं जागे, तो पुजारी वर्ग स्वयं अतिक्रमण हटाएगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी। संघ की ओर से कहा गया कि मंदिरों की संपत्तियों का संरक्षण करना प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद यदि अतिक्रमण की समस्या का निराकरण नहीं किया गया, तो पुजारी स्वयं कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे। संघ ने ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की जिम्मेदारी प्रशासन की होने की बात कही।

मंदिरों की भूमि मुक्त कराने की मांग

राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ ने मंदिरों की जमीनों से कथित अवैध कब्जे हटाने, राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भूमि का सत्यापन कराने तथा संबंधित अधिकारियों से प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। संघ का कहना है कि मंदिरों की संपत्तियों का उपयोग धार्मिक गतिविधियों और मंदिरों की व्यवस्था के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

पूजा-पाठ की व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप

प्रेस वार्ता में मंदिरों में धूप-दीप और नियमित आरती तक की व्यवस्थाओं में परेशानी आने का मुद्दा उठाया गया। संघ ने संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिरों की भूमि की स्थिति की जांच करने और नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने की मांग की।

अब इस मामले में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यह देखना होगा कि संबंधित मंदिरों की भूमि के राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर अतिक्रमण की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

धामनोद नगर परिषद के उपाध्यक्ष से जुड़ा मामला भी उठाया

प्रेस वार्ता में धामनोद का उदाहरण देते हुए संघ ने आरोप लगाया कि वहां भाजपा के एक पार्षद एवं नगर परिषद उपाध्यक्ष ने मंदिर और मंदिर की भूमि पर कब्जा कर रखा है। संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि जिले में कुछ स्थानों पर मंदिरों की कृषि भूमि का कथित रूप से अवैध दोहन किया जा रहा है। विरोध करने वाले पुजारियों को परेशान किए जाने के आरोप भी लगाए गए।

पुजारियों ने रखीं पांच प्रमुख मांगें

1. मंदिरों की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए: जिले के प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिरों की कृषि और गैर-कृषि भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जों को तत्काल हटाने की मांग की गई।

2. निजी देवस्थानों की पृथक सूची बने: संघ ने मध्य प्रदेश शासन के वर्ष 2008 के आदेशों और न्यायालयीन निर्णयों का हवाला देते हुए निजी देवस्थानों को शासन नियंत्रित मंदिरों की सूची से अलग करने तथा उनकी पृथक सूची तैयार करने की मांग रखी। साथ ही संबंधित निजी खातों में पुजारियों का नियमानुसार वंशानुगत नामांतरण दर्ज करने की मांग की गई।

3. मूल पुजारियों को वापस मिले अधिकार: संघ के अनुसार, जिन देवस्थानों और उनकी भूमि पर कथित तौर पर बिना वैध दस्तावेजों के कब्जा किया गया है, वहां से अतिक्रमण हटाकर मूल पुजारी अथवा सेवादार को नियमानुसार पुनः कब्जा दिलाया जाए।

4. दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो: मंदिरों की संपत्तियों और भूमियों पर अवैध कब्जे के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आपराधिक कार्रवाई की जाए।

5. ग्रीन कार्ड और सरकारी योजनाओं का लाभ मिले: मंदिरों की कृषि भूमि पर निर्भर पुजारियों को पात्रता के अनुसार ग्रीन कार्ड जारी करने तथा खाद, बीज और शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग की गई।

ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि मंदिरों की भूमि और पुजारियों के अधिकारों से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहले भी कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद उनके अनुसार अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पुजारियों ने प्रशासन से राजस्व अभिलेखों की जांच कराने, भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने की मांग की।

प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ के अध्यक्ष रघु बैरागी, अखिल भारतीय पुजारी संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा, सैलाना के श्रीराम चवरा मंदिर के पुजारी रमेश बैरागी, महेंद्र दास बैरागी (नामली) और रतनदास बैरागी (उपलई) सहित बड़ी संख्या में संघ के प्रतिनिधि एवं पुजारी उपस्थित रहे।

MP Headlines | रतलाम

 

MP Headlines
Author: MP Headlines