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रतलाम में चड्डी-बनियान गिरोह का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार; 8 लाख के जेवर बरामद

1200 से 1500 CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई, गुजरात के दाहोद जिले के रहने वाले हैं आरोपी

रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में पिछले करीब आठ माह से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे कथित चड्डी-बनियान गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें चोरी की वारदातों में शामिल तीन आरोपी और चोरी के जेवर गिरवी रखने वाला एक सुनार शामिल है। सभी आरोपी गुजरात के दाहोद जिले के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 8 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और 9 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरोह का एक अन्य सदस्य संजयभाई मावी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

1500 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले

एएसपी राकेश पंद्रो ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि एसपी अमित कुमार के निर्देशन में गिरोह की धरपकड़ के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से CCTV फुटेज जुटाकर करीब 1200 से 1500 कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की। फुटेज और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को गुजरात के दाहोद जिले के गिरोह पर संदेह हुआ।

इसके बाद पुलिस ने मध्य प्रदेश-गुजरात सीमा के पास घेराबंदी कर कालू उर्फ भीमा और उसके बड़े भाई नभला को पकड़ा। पूछताछ के आधार पर मालाभाई मावी और सुनार मणिशंकर पांचाल उर्फ पोपटलाल को भी गिरफ्तार किया गया।

ट्रेन से आते थे, वारदात के बाद लौट जाते थे

पुलिस के अनुसार, आरोपी शनिवार और रविवार को रतलाम आते थे। वे दाहोद से ट्रेन में सफर कर शहर पहुंचते और दिन में कॉलोनियों व मोहल्लों में रेकी करते थे। सूने मकान या दुकान को निशाना बनाने के बाद अगले दिन सुबह ट्रेन से वापस अपने गांव लौट जाते थे।

आरोपी कथित तौर पर मोबाइल फोन अपने घर पर छोड़कर आते थे, ताकि मोबाइल टावर की लोकेशन के आधार पर उनकी पहचान करना मुश्किल हो। वारदात के दौरान वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे।

पहचान छिपाने के लिए अपनाते थे तरीका

पुलिस के मुताबिक, आरोपी वारदात वाले इलाके में पहुंचकर पैंट-शर्ट उतारकर झोले में रख देते थे और चड्डी-बनियान पहनकर चोरी करते थे। वारदात के बाद कुछ दूरी पर जाकर फिर पैंट-शर्ट पहन लेते थे, ताकि CCTV कैमरों में दिखाई देने या लोगों की नजर में आने पर उनकी पहचान करना मुश्किल हो।

वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से रेलवे स्टेशन पहुंचते और अलग-अलग डिब्बों या ट्रेनों से वापस लौट जाते थे।

अब तक तीन वारदातें कबूलीं

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में रतलाम की तीन वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है।

– 16 अगस्त 2026: राम मंदिर क्षेत्र की एक दुकान से 3 हजार रुपये चोरी करने का मामला।
– 21 सितंबर 2026: विरियाखेड़ी स्थित एक सूने मकान से करीब साढ़े सात लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और 6 हजार रुपये चोरी करने का मामला।
– 28 सितंबर 2026: राजबाग कॉलोनी के एक मकान से करीब 30 हजार रुपये कीमत की चांदी की मूर्ति चोरी करने का मामला।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की निशानदेही पर करीब 1 किलो 200 ग्राम चांदी, 40 ग्राम सोने के आभूषण और 9 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। चोरी के जेवर सुनार मणिशंकर पांचाल के पास गिरवी रखने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।

फरार आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि संजयभाई मावी अभी गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में टीम जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मालाभाई मावी के खिलाफ गुजरात में वर्ष 2008 तक चोरी के आठ-नौ मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।

रतलाम शहर में चड्डी-बनियान पहने संदिग्धों के CCTV वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल था। पुलिस अब गिरोह से अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।

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Author: MP Headlines