आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में निकली शोभायात्रा, धर्मसभा में महर्षि वाल्मीकि के जीवन और आदर्शों पर डाला प्रकाश
रतलाम। ग्राम सांवलिया रुण्डी में आज महर्षि वाल्मीकि जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आदिवासी एकता परिषद, अखिल भारतीय भील समाज, जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस), आदिवासी छात्र संगठन, महाराणा पूजा भील जन कल्याण संगठन तथा वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था, रतलाम के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जयंती के अवसर पर गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो गांव के प्रमुख मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। यहां शोभायात्रा का समापन धर्मसभा के रूप में हुआ। धर्मसभा में उपस्थित अतिथियों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, संघर्ष, तपस्या और उनके महान योगदान पर प्रकाश डाला।
संघर्ष से तपस्या तक का सफर
वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उनका प्रारंभिक नाम रत्नाकर था। लोकप्रचलित कथा के अनुसार, सप्तर्षियों के संपर्क में आने के बाद उनके जीवन में परिवर्तन आया। उन्होंने कठोर तपस्या के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया और आगे चलकर महर्षि वाल्मीकि के रूप में विख्यात हुए।
महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि के रूप में सम्मानित किया जाता है। उन्होंने संस्कृत भाषा में रामायण महाकाव्य की रचना की, जो भारतीय संस्कृति, साहित्य और नैतिक मूल्यों का महत्वपूर्ण आधार है। वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन परिवर्तन, ज्ञान, साधना और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है। उपस्थित समाजजनों ने इस महान ऋषि को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
जनप्रतिनिधियों और समाजजनों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर तथा श्री कालू महाराज और श्री देवचंद महाराज उपस्थित रहे।
विशेष अतिथियों में बद्रीलाल कटारिया, रायचन कटारा, हरिचंद्र भाभर, दिनेश डामर, कमजी कटारा और जगदीश कटारा सहित अन्य गणमान्यजन शामिल हुए।
इस अवसर पर भगवानसिंह भाभर, रूपजी वसुनिया, हुरजी गोदा, बांटी चरपोटा, सीताबाई, गीताबाई, भूरीबाई, कमलाबाई, सजनबाई तथा समाजसेवी सुरतलाल डामर सहित बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने तथा सामाजिक एकता, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
MP Headlines | रतलाम, मध्य प्रदेश





