MP Headlines | भोपाल, मध्यप्रदेश | 28 अक्टूबर 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रदेश के 12 जिलों में अल्पवर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों को राहत देने और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करने पर चर्चा हुई।
सरकार प्रभावित जिलों में किसानों की जरूरतों और पेयजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, सभी संबंधित जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने के अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई ।
इन जिलों में कम बारिश की स्थिति
रिपोर्टों में अल्पवर्षा से प्रभावित जिलों में अलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, पांढुर्ना और छिंदवाड़ा का उल्लेख किया गया है।
अलीराजपुर जिले में सामान्य से लगभग 52 प्रतिशत कम बारिश होने की जानकारी सामने आई है। कम बारिश के कारण खेती, आगामी रबी सीजन की बोवनी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही है।
किसानों को क्या मिल सकती है राहत?
प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितियों का आकलन कर किसानों को आवश्यक सहयोग देने पर जोर दिया जा रहा है। संभावित राहत और आगे की कार्रवाई का निर्धारण सरकारी नियमों, फसल की स्थिति तथा संबंधित क्षेत्रों के आकलन के आधार पर होगा।

फिलहाल किसानों को मुआवजे की राशि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के संबंध में किसी अंतिम घोषणा की प्रतीक्षा करनी चाहिए।
सूखाग्रस्त घोषित होने पर ही मिलेगी स्पष्ट स्थिति
कम बारिश दर्ज होना और किसी जिले को औपचारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित करना अलग-अलग बातें हैं। अंतिम निर्णय तथा राहत के प्रावधानों की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से ही होगी।





