रतलाम/जावरा। उज्जैन लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रतलाम जिले के जावरा में वन विभाग के डिप्टी रेंजर कमलसिंह देवड़ा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से वन विभाग में हलचल मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम शक्करखेड़ी, तहसील पिपलौदा निवासी रहीश खां ने 29 अक्टूबर को उज्जैन लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसने अपने खेत में रखी जलाऊ लकड़ी अशफाक खां को बेची थी। इसी मामले में डिप्टी रेंजर कमलसिंह देवड़ा द्वारा केस बनाने की धमकी देकर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
65 हजार रुपये में तय हुआ था सौदा
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। बताया गया कि बातचीत के बाद कथित रिश्वत की राशि 65 हजार रुपये तय हुई थी। इसके बाद 30 अक्टूबर को उज्जैन लोकायुक्त की 10 सदस्यीय टीम ने जावरा स्थित उप वन मंडल कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की।

शाम करीब 6:45 बजे डिप्टी रेंजर कमलसिंह देवड़ा ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये प्राप्त किए। इसी दौरान पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने उन्हें रिश्वत की राशि के साथ पकड़ लिया।
10 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हिना डाबर सहित लोकायुक्त पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। मामले में लोकायुक्त पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।




