भोजशाला फैसले से पहले सैलाना अलर्ट मोड पर धार में ऐतिहासिक निर्णय की आहट, सैलाना में प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

सैलाना। धार स्थित भोजशाला को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के बहुचर्चित निर्णय से पहले पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक सतर्कता चरम पर दिखाई दी। फैसले को लेकर रतलाम जिले सहित सैलाना नगर में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों ने पहले से ही मोर्चा संभाल लिया था।

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर भी प्रशासन की विशेष नजर रही।

इसी क्रम में सैलाना में एसडीएम अरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, थाना प्रभारी पिंकी आकाश सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने नगर के संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया।तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

अधिकारियों ने नगरवासियों से शांति, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें तथा संदिग्ध गतिविधियों या भ्रामक संदेशों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

फैसले के प्रमुख पहलू
धार स्थित भोजशाला मामले में हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि उपलब्ध ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं स्थापत्य साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि भोजशाला मूल रूप से वाग्देवी का मंदिर रही है। न्यायालय ने संरचना के स्तंभों, शिलालेखों, मूर्तिकला एवं धार्मिक प्रतीकों को महत्वपूर्ण आधार माना।

न्यायालय द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देशों में भोजशाला को संरक्षित स्मारक मानते हुए हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार देने की बात कही गई है। साथ ही मुस्लिम समुदाय द्वारा नमाज अदा करने की अनुमति निरस्त करने तथा संपूर्ण परिसर के प्रबंधन एवं नियंत्रण की जिम्मेदारी प्रशासन को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से ब्रिटेन के संग्रहालय में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने संबंधी आवेदन पर विचार करने को कहा है। वहीं मुस्लिम समुदाय को अन्य उपयुक्त स्थान के आवंटन के लिए शासन से आवेदन करने का विकल्प भी दिया गया है।

फैसले के बाद पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, जबकि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द कायम रहे।

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Author: MP Headlines

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