धामनोद। नगर में पेयजल व्यवस्था को लेकर नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। चार दिन पूर्व नगर के कई वार्डों में नलों के माध्यम से गंदा पानी पहुंचा था, जिससे रहवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। अब स्थिति यह है कि पिछले चार दिनों से नलों में पानी ही नहीं आ रहा है। ऐसे में नागरिकों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
एक ओर नलों से गंदा पानी मिलने की शिकायतें सामने आईं, वहीं दूसरी ओर अब लगातार चार दिनों से जलप्रदाय ठप है। इससे नगर पंचायत की पेयजल व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आखिर नगर पंचायत नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में क्यों नाकाम साबित हो रही है? जब नलों से गंदा पानी आ रहा था, तब उसकी गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए? और अब चार दिनों से पानी की सप्लाई बंद होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?
रहवासियों को पीने के पानी से लेकर घरेलू जरूरतों तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नागरिकों की मांग है कि नगर पंचायत तत्काल जलप्रदाय व्यवस्था बहाल करे, स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करे और तब तक टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराए।
सवाल बड़ा है—नगर पंचायत आखिर कब जागेगी? नागरिकों को स्वच्छ और नियमित पेयजल कब मिलेगा?




