उज्जैन संभाग। सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर आयोजित बैठक में उज्जैन संभाग के विभिन्न जिलों में चिन्हित ब्लैक स्पॉट, ओवर स्पीड, अव्यवस्थित पार्किंग और आपातकालीन रिस्पॉन्स व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में सड़क सुरक्षा के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि उज्जैन में महाकाल मंदिर की ओर आने वाले मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। प्राइवेट टैक्सी ऑपरेटरों के वाहन भी बेगम बाग से महाकाल की ओर जाने वाली सड़कों पर खड़े रहते हैं। इनके लिए अलग पार्किंग व्यवस्था विकसित किए जाने की आवश्यकता बताई गई, ताकि सड़क पर वाहनों के खड़े रहने से यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं की संभावना कम की जा सके।

आगर जिले में 6 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
आगर पुलिस अधीक्षक ने बैठक में बताया कि जिले में कुल 6 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर सड़क सुरक्षा के आवश्यक उपाय किए जाने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
शाजापुर में 8 पंचायतों में मिशन जीवन रक्षक का प्रशिक्षण
शाजापुर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले की 8 पंचायतों में मिशन जीवन रक्षक के तहत प्रशिक्षण आयोजित करवाया गया है। आपात स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही नेशनल हाईवे की टीम के साथ भी समन्वय बनाकर सड़क दुर्घटनाओं के दौरान तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

देवास में 12 ब्लैक स्पॉट, ओवर स्पीड पर नियंत्रण की जरूरत
देवास कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में 12 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। ओवर स्पीड पर नियंत्रण के लिए नियमानुसार रंबल स्ट्रिप और स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की आवश्यकता बताई गई। संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा के मानकों के अनुरूप आवश्यक इंतजाम किए जाने पर जोर दिया गया।
रतलाम में 280 वाहनों की चेकिंग, 43 के चालान
रतलाम कलेक्टर ने बताया कि जिले में सड़क सुरक्षा के मद्देनजर 280 वाहनों की चेकिंग की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 43 वाहनों के चालान बनाए गए।
रतलाम पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हाईवे के दोनों ओर सर्विस रोड के पास बने ढाबों के कारण ट्रक सहित अन्य भारी वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि NHAI और MPRDC को ऐसे स्थानों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करवाना चाहिए, ताकि हाईवे पर यातायात सुचारू रहे और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
मंदसौर-नीमच में भी मिशन जीवन रक्षक की कार्रवाई
मंदसौर और नीमच जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों ने भी मिशन जीवन रक्षक के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में निजी वाहनों से जुड़े मामलों में मृत व्यक्तियों के मुआवजे के प्रकरण कई बार लंबित रह जाते हैं। ऐसे मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट सुधारने, ओवर स्पीड पर नियंत्रण, हाईवे किनारे अव्यवस्थित पार्किंग रोकने, आपातकालीन रिस्पॉन्स मजबूत करने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।





