सैलाना/रतलाम। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत सैलाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ‘नेत्र जांच से सेवा तक’ कार्यक्रम के अंतर्गत नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक रतनलाल चरपोटा के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचे नागरिकों की नेत्र जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार संबंधी मार्गदर्शन दिया गया।
शिविर में नेत्र चिकित्सक सहायक कपिल डामोर ने कुल 68 लोगों का नेत्र परीक्षण किया। इनमें 40 पुरुष और 28 महिलाएं शामिल रहीं। जांच के बाद 42 लोगों को निःशुल्क चश्मे प्रदान किए गए। वहीं 3 लोगों को आगे की जांच के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।
नेत्र परीक्षण के दौरान 5 लोगों में मोतियाबिंद के लक्षण पाए गए। इनके उपचार के लिए आगामी 15 अक्टूबर को विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। अन्य मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के बाद निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के खंड चिकित्सकीय अधिकारी शैलेंद्र डांगे, कैलाश यादव, आयुष विभाग से रमेश कटारा एवं अनिल मेहता, भाजपा प्रदेश आईटी संयोजक शैतान सिंह पटेल, रवि करोतिया एवं देवेन्द्र भदौरिया उपस्थित रहे।
शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा समय रहते नेत्र संबंधी समस्याओं की पहचान कर उचित उपचार एवं मार्गदर्शन सुनिश्चित करना रहा। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नेत्र परीक्षण कराया और चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया।
कार्यक्रम में नवांकुर संस्था भागीरथ रूरल अवेयरनेस थिंकर्स फाउंडेशन से हरीश सिलावट, राजेन्द्र कुमावत एवं परामर्शदाता योगेश तंवर, नवांकुर संस्था एकलव्य युवा जन उत्थान समिति, शिवगढ़ के परामर्शदाता पवन पारगी, नवांकुर संस्था आदर्श सकरावदा ग्राम विकास समिति की परामर्शदाता प्रतिज्ञा गुर्जर तथा सीएमसीएलडीपी के विद्यार्थियों ने भी सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा एवं जनकल्याण की गतिविधियों को पहुंचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित स्वास्थ्य शिविर लोगों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसी पहल से न केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान होती है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सहभागिता की भावना भी मजबूत होती है।




