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रोड़वेज बसें : हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा- दूसरे प्रदेशों में फायदे में निगम, तो मध्यप्रदेश में क्यों नही,

इंदौर। मध्यप्रदेश में राज्य परिवहन निगम का संचालन दोबारा शुरू करने की मांग करते हुए मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सेंधवा निवासी बीएल जैन ने एक जनहित याचिका दायर वकील के माध्यम से की है। मंगलवार को इसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका सेंधवा निवासी बीएल जैन ने एडवोकेट अभिषेक तुगनावत के माध्यम से दायर की है। याचिका में कहा है कि जबसे राज्य परिवहन निगम प्रदेश में बंद हुआ है तबसे आम नागरिकों को यात्रा में कठिनाई हो रही है। आने-जाने के साधन नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में माल वाहनों में तीस-चालीस यात्री बैठ कर यात्रा करते हैं। इस कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। शासन का दायित्व है कि वह नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन जैसी मुलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए।

अन्य प्रदेशों में राज्य परिवहन निगम फायदे में तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं?
याचिकाकर्ता ने दायर याचिका में सवाल उठाया है कि जब अन्य प्रदेशों में राज्य परिवहन निगम फायदे में चल रहे हैं तो मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम को दोबारा शुरू क्यों नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव परिवहन विभाग, प्रबंध संचालक मप्र सड़क परिवहन निगम और केंद्र शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

1962 में मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम का हुआ था गठन
मध्यप्रदेश राज्य सड़़क परिवहन निगम का गठन सन् 1962 में किया गया था। इसका उद्देश्य यात्रियों को सस्ती एवं सुलभ आवागमन सुविधाएं उपलब्ध कराना और दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में पर्याप्त बस सेवा उपलब्ध कराना था। लेकिन साल 2005 में इसे बंद कर दिया गया। शासन की अव्यवस्था का परिणाम आज आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है जबकि केरल, महाराष्ट्र में यह व्यवस्था निरंतर जारी है। और ये निगम मुनाफा में चल है। वहीं केरल में तो हर मार्ग पर लक्जरी बसें चल रही हैं। जिसका फायदा केरल की जनता ले रही हैं।

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Author: MP Headlines